
4 February 2025
मुंबई: बृहन्मुंबई म्हानगर पालिका (बीएमसी) ने झोपड़पट्टियों में चल रहे व्यवसायों पर संपत्ति कर और कचरा प्रबंधन शुल्क लगाने का फैसला किया है। इस फैसले का स्थानीय लोगों ने कड़ा विरोध किया है। उनका कहना है कि यह गरीबों के लिए एक बड़ा आर्थिक बोझ साबित होगा।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि बीएमसी पहले 500 वर्ग फुट तक के घरों के लिए संपत्ति कर माफ कर चुकी है, लेकिन अब वह झोपड़पट्टियों के छोटे व्यवसायों पर कर लगाने की तैयारी कर रही है। विरोध करने वालों ने इसे गरीबों के खिलाफ एक अन्यायपूर्ण कदम बताया है।
बीएमसी ने अपने बजट में माना है कि उसकी आर्थिक स्थिति खराब हो गई है। निगम की फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) घटकर 30,358 करोड़ रुपये रह गई है। अब बीएमसी को इन एफडी को तोड़ने की जरूरत पड़ सकती है।
बीएमसी ने अपने बजट में स्वास्थ्य के लिए सिर्फ 10% और शिक्षा के लिए मात्र 4% आवंटन किया है। लोगों का कहना है कि इससे गरीबों की मूलभूत सुविधाएं बुरी तरह प्रभावित होंगी।
2017-18 में बीएमसी का भांडवली खर्च 4,978 करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर 43,162 करोड़ रुपये हो गया है। यह खर्च आठ साल में लगभग 1000% बढ़ गया है।
विरोध करने वाले लोगों ने बीएमसी से यह फैसला वापस लेने की मांग की है। उनका कहना है कि बीएमसी को अपने आर्थिक प्रबंधन में सुधार करना चाहिए और गरीबों पर कर का बोझ डालने से बचना चाहिए।